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सूरह रहमान पढ़ने के फायदे (Benefits of Reading Surah Rahman)

सूरह रहमान पढ़ने के फायदे (Benefits of Reading Surah Rahman)

सूरह रहमान क़ुरान मजीद की 55 वी सूरह हैं। यह सूरह क़ुरान के 27 वे पारे में मौजूद हैं। इस सूरह में 78 आयतें हैं। इस सूरह का पता मक्का में चला था तो इसे मक्की सूरह भी कहा जाता हैं। जैसे सूरह यासीन को क़ुरान का दिल कहा जाता हैं। वैसे ही इस सूरह को क़ुरान की दुल्हन भी कहा जाता हैं। सूरह रहमान में रहमान का मतलब दयालु होता हैं। सूरह रहमान बताता हैं की अल्लाह अपने बन्दों पर कितना मेहरबान रहता है अगर सूरह रहमान पढ़ा जाये तो अल्लाह अपने बन्दों के बड़े से बड़े गुनाहो को भी माफ़ कर देता हैं। 

ये सूरह अल्लाह की दी मेहरबानियों पर ज़ोर डालता है। ये सूरह पढ़ कर मोमिन अल्लाह से अपनी मगफिरत की दुआ मांगता हैं तो अल्लाह उस शख्स को माफ़ कर देता हैं। ये सूरह अल्लाह की ताकतों उसके चमत्कारों और अल्लाह की बनायीं दुनिया के बारे में बताता हैं और जो लोग अल्लाह को मानने से इंकार करते हैं उनको चेतावनी भी देता हैं। जैसा की क़ुरान की हर सूरह को पढ़ने का कोई न कोई फ़ायदा हैं वैसे ही सूरह-अर-रहमान को पढ़ने के भी बेशुमार फायदे हैं। आज इन्ही फायदों के बारे में हम बात करेंगे।  


सूरह रहमान पढ़ने के फायदे (Benefits of Surah Rahman)

  1. सूरह-अर-रहमान पढ़ने वाले शख्स की अल्लाह दुनियावी ज़िन्दगी में तो मदद करेगा ही साथ साथ आख़िरत में भी अल्लाह उस बन्दे का साथ देगा।
  2. सूरह-अर-रहमान पढ़ने वाला शख्स हर तरह की बीमारी से बचा रहता हैं ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने सूरह रहमान पढ़ना शुरू किया और दिल की बीमारी डिप्रेशन डायबिटीज और कैंसर जैसे बिमारियों से उन्हें निजात मिला हैं। 
  3. सूरह-अर-रहमान में ऐसी चमत्कारी ताकत है जिससे बन्दे की हर तरह की गंभीर बीमारी ख़त्म हो जाती हैं हार्ट के मरीज़ों के लिए सूरह रहमान पढ़ना बहुत मुफीद हैं। 
  4. सूरह-अर-रहमान उन सूरह में से एक सूरह हैं जिसको पढ़ने से दिमाग, दिल और बदन शांत रहता हैं। टेंशन, मरने का डर या किसी भी तरह के डर को दूर करने के लिए रोज़ाना सूरह रहमान पढ़े या सुने। 
  5. मानसिक रूप से परेशान लोगो को सूरह-अर-रहमान रोज़ पढ़ना चाहिए। इसकी बरकत से कुछ ही दिनों में सारी दिमागी बीमारी दूर हो जाती हैं। 
  6. शादी में रुकावट या रिश्तों में रुकावट को दूर करने में सूरह रहमान एक बहुत अच्छी सूरह हैं। इसकी पाबन्दी से तिलावत करने से रिश्ते में कभी दरार नहीं आती और रुके हुए रिश्ते वापस जुड़ जाते हैं। 
  7. सूरह रहमान पढ़ने वाला शख्स हमेशा बुरी नज़र से बचा रहता है कोई भी जादू या कोई ख़राब हवा उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इस सूरह को पढ़ने से इंसान हमेशा दुश्मन की नज़र से बचा रहता हैं। 
  8. जैसा की हम सब जानते हैं की हर इंसान को कामयाबी अल्लाह ही देता हैं और नाकामयाबी भी अल्लाह ही देता है। सूरह-अर-रहमान की तिलावत करने वाले शख्स को अल्लाह की तरफ से बेशुमार कामयाबी हासिल होती हैं।
  9. अगर कोई अपने दिन की शुरुआत सूरह-अर-रहमान की तिलावत से करेगा तो उसका पूरा दिन अच्छा निकलेगा और पुरे दिन अल्लाह उसकी हिफाज़त करेगा। 
  10. सूरह रहमान पढ़ने वाले शख्स का दिल बहुत साफ़ हो जाता है वह शख्स हमेशा लोगों की भलाई के बारे में ही सोचता हैं। 
  11. अगर किसी को नींद न आने की बीमारी हैं तो उसे चाहिए की रोज़ाना ईशा की नमाज़ के बाद सूरह रहमान पढ़ कर सोये ऐसा रोज़ाना करने से इंशाअल्लाह नींद न आने की बीमारी दूर हो जाएगी। 
  12. अगर कोई शख्स हर वक़्त किसी बात को लेकर टेंशन में रहता हैं। हर वक़्त कोई डर उसे सताता हैं तो उसके लिए सूरह रहमान सबसे अच्छी सूरह हैं जिसे पढ़ कर वह इस परेशानी से निकल सकता हैं। 
  13. आजकल लोगों के जिस्म में अलग अलग तरह का दर्द रहता हैं जैसे घुटनो का दर्द, सीने में दर्द वगैरह। सूरह रहमान की तिलावत करने से हर तरह के दर्द से छुटकारा मिलता हैं। 
  14. अपने घर और कारोबार की हिफाज़त के लिए सूरह-अर-रहमान की रोज़ाना तिलावत करे। 

इन सब फायदों के अलावा भी सूरह-अर-रहमान पढ़ने के बहुत सारे फायदे हैं। इस सूरह में हर मर्ज़ का इलाज हैं। खासकर जो बदन से जुडी किसी भी तरह की बीमारी से परेशान हैं उनको तो सूरह रहमान आज से ही पाबन्दी से पढ़ना शुरू कर देना चाहिए। हर इंसान को चाहिए की ये सूरह को अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में शामिल कर ले फिर देखे आपकी ज़िन्दगी कैसे बदल जाती हैं। 

अल्लाह हमें इस्लाम के असूलों पर चलने की तौफीक अता फरमाए, पांच वक़्त की नमाज़ का पाबंद बनाये और हमारे गुनाहों को माफ़ करे आमीन ।  

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