Disabled Copy Paste

ईदुल फ़ित्र की इबादतें (Eid Ul Fitr Ki Ibadaten)

ईदुल फ़ित्र की इबादतें (Eid Ul Fitr Ki Ibadaten)

शौवाल इस्लामी साल का दसवां महीना हैं। इस महीने का चाँद देखकर सुरह फतह पढ़ कर हरा कपड़ा देखे या सुरह लहब पढ़ कर रंगीन कपड़ा देखे।
जो इंसान ईद की रात 4 रकात नफ़्ल नमाज़ पढ़े हर रकात में अल्हम्दो शरीफ के बाद 21 बार कुल हुवल्लाह शरीफ पढ़ेगा तो अल्लाह पाक उसके लिए जन्नत के आठों दरवाज़े खोल देगा।

इस महीने की पहली रात 4 रकात नफ़्ल नमाज़ पढ़े। अल्हम्दो शरीफ के बाद कुल हुवल्लाह, सुरह फ़लक, सुरह नास एक एक बार पढ़े तो अल्लाह पाक 6 महीने की इबादत का सवाब अता फरमाएगा। जो इंसान शौवाल की पहली रात में 20 रकात नफ़्ल नमाज़ पढ़े, हर रकात में अल्हम्दो शरीफ के बाद 5 बार कुल हुवल्लाह पढ़े।  अल्लाह पाक उसके आमाल नामे में एक साल की इबादत का सवाब लिखवाएगा।

जो इंसान इस महीने की पहली रात या दिन में 8 रकात नफ़्ल नमाज़ पढ़ेगा। हर रकात में सुरह फातेहा के बाद 25 बार कुल हुवल्लाह पढ़े, नमाज़ से फारिग होने के बाद 70 बार सुब्हानल्लाह,70 बार अस्तग़्फ़िरुल्लाह और 70 बार दुरुद शरीफ पढ़ेगा तो अल्लाह पाक इसकी बरकत से उसकी 70 ज़रूरते पूरी फरमाएगा और जन्नत में बेहतरीन मक़ाम अता फरमाएगा।

ईद के दिन ईद की नमाज़ के बाद घर पर आकर 4 रकात नफ़्ल नमाज़ पढ़े। पहली रकात में अल्हम्दो के बाद सुरह अअला दूसरी में सुरह शम्स तीसरी में सुरह वद दुहा और चौथी में कुल्हुवल्लाह पढ़ेगा तो अल्लाह पाक हज़ारो साल की इबादत का सवाब अता फरमाएगा।

जो गरीब इंसान ईद की नमाज़ के बाद घर आने पर 2 रकात नफ़्ल पढ़ेगा। हर रकात में अल्हम्दो शरीफ के बाद एक बार सुरह माऊन और तीन बार कुल्हुवल्लाह शरीफ पढ़ेगा तो उसे सदक़ए फ़ित्र अदा करने का सवाब मिलेगा। जो इंसान ईद के बाद 6 रोज़ा रखे जिसे शश ईद की रोज़े कहा जाता हैं।अल्लाह ऐसे इंसान को एक साल के रोज़े का सवाब अता फरमाएगा और उस पर दोज़ख की आग हराम कर देगा।

घर के ज़िम्मेदार को अपनी तरफ और अपने बीवी बच्चो की तरफ से ईद से पहले सदक़ए फ़ित्र (फ़ितरा) अदा करना वाजिब हैं। यह रकम रमज़ान के महीने में भी दी जा सकती हैं। फ़ितरा अदा करने वाले को एक दाने के बदले एक साल की इबादत का सवाब मिलता हैं। जो हैसियतदार होते हुए भी फ़ितरा ज़कात अदा न करे गरीबो का हक़ न दें, ऐसे लोग क़यामत में वह गरीबो का दामन पकड़ेंगे।

ईद के दिन ग़ुस्ल करे। हैसियत के ऐतबार से नए और साफ़ कपड़े पहनें, खुशबु लगाएं। ईदगाह जाकर नमाज़ अदा करें। नमाज़ के लिए जाने से पहले कुछ मीठी चीज़ खा ले। ईद का खुत्बा सुनना वाजिब हैं इसलिए नमाज़ पढ़ते ही घर न आये बल्कि खुत्बा सुनकर आये। लोगो से सलाम व मुसाफहा करें, ईद की मुबारकबाद पेश करें और क़ब्रिस्तान जाकर मुर्दो के लिए दुआएं मग़फ़ेरत करें। 

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

नमाज़ और आजकल के मुसलमानो के हालात (Namaz or Musalman)

आज कल देखा जाता हैं की लोगो के पास नमाज़ पढ़ने के लिए बिलकुल वक़्त नहीं हैं। सब के पास खाने का वक़्त हैं, घूमने का वक़्त हैं, रिश्तेदारों के यहाँ...

Popular Posts